हम हैं इस पार पर घर तो उस पार है

हम हैं इस पार पर, घर तो उस पार है ! बीच में उम्र की एक दीवार है !! प्रेम के पनघटों पर छले जाएंगे ! एक दिन सब यहां से चले जायेंगे ।! देह के दीप में, प्रीत बाती बने, अनवरत रात दिन हम जले जाएंगे !! नेह का सिर्फ़ इतना ,कथानक है कि, […]

ठेठ किसान का बेटा हूँ खेती की बात सुनाता हूँ

जहाँ मेहनत की होती पूजा, मैं गीत वहां के गाता हूँ , ठेठ किसान का बेटा हूँ, खेती की बात सुनाता हूँ ।। यहाँ कोई भेद नहीं रखता, सब मिलकर खुशी मनाते हैं , कुछ और न आता हो हमको, हम खुलकर प्यार निभाते हैं।। जिसे खाकर है जिंदा दुनियाँ, जिसे खाकर——। मैं गेंहूँ ,धान […]

बिटिया का भाग्य

मुद्दतों के बाद बेटी, माँ से मिलने गांव आयी । भाई की आवाज सुनकर, भाई को पहचान पाई ।। लाडली को देखते ही, प्रेम का सागर यूँ छलका । मां के मन का वृद्ध पंछी दूर उड़ जाने को मचला ।। बंद पलकों में खुशी के दीप सब जलने लगे थे ।। प्रेम के प्यासे […]

जाट कौ ब्याह

जाट देव को ब्याह भयौ जब, कारी आँधी आई । कुठला भीज गयौ गेंहूँ कौ, गावैं गीत लुगाई ।। ठाकुर जी ने भाग- भाग कै, न्यौतो गाम चरौरा । सपना जैसी बहू मिलेगी, पीट्यो खूब ढिंढोरा ।। पीट्यो खूब ढिंढोरा भैय्या रोटी घर मत खइयो । दूध जलेबी खइयो झिककेँ, मोछन ऐंठा दईयो ।। बटुआ […]

मेरा गांव मेरा देश

पाँच सितारा इक होटल में, मैने अपने गांव को देखा ।। खट्टे बेरों वाली झाड़ी, दो गमलों में लगी हुई थी । एक पुरानी घोड़ा गाड़ी, दरवाजे पर खड़ी हुई थी । शीशे की सब दीवारों पर, काली – पीली छांव को देखा, पहली मंजिल पर देखा था, चूल्हे से बतियाता आँगन, सुबह की सरगम […]

वृद्धाश्रम बन जाते हैं

जब- जब बच्चे अपने घर के, जड़ कुटुंब ठुकराते हैं ! तब -तब इस पावन वसुधा पर,वृद्धाश्रम बन जाते हैं !! धूप के आगे तेज हवा भी, मद्धम होती जाती है ! घर में रक्खी रद्दी की कीमत कम होती जाती है !! जैसे माला में फूलों का , हार ज़रूरी होता है ! जीवन […]