ग्वाला बनकर बांसुरी की वंदना करनी पड़ेगी

ग्वाला बनकर बांसुरी की वंदना करनी पड़ेगी ,

आज फिर गौ लोक जाकर साधना करनी पड़ेगी ।

हिंद में अब कौरवों की भीड़ ज़्यादा हो गयी है ,

पांडवों के सारथी से याचना करनी पड़ेगी ।।

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शीर्ष पर ये हिंद होगा

धर्म के इस युद्ध में फिर कौरवों की मात होगी, पाँव भी होंगे ज़मीं पर, आसमां की बात होगी । चार सौ का लक्ष्य हमको साथ मिलकर भेदना है, शीर्ष पर ये हिंद होगा, स्वर्ण की बरसात होगी ।।

बांधे हैं हाथ हमने दुश्मन को ये भरम है

बांधे हैं हाथ हमने, दुश्मन को ये भरम है ! है वक्त अब दिखा दो बाजू में कितना दम है !! जिस देश की ज़मीं से मिलती है हमको ताकत ! उसके लिए ये जां भी देनी पड़े तो कम है !!

पानी

बहते पानी में बहकर इनाम आ गया, भूला बिसरा हुनर आज काम आ गया ।