हमने जहां में सबको देखा है आजमाकर,
मतलब नहीं रखेंगे अब हम किसी से ज्यादा ।।
उसकी फिकर ‘ चरौरा ‘ करना तू छोड़ दे अब,
आता नहीं है कुछ भी उसे शायरी से ज्यादा ।।
हमने जहां में सबको देखा है आजमाकर,
मतलब नहीं रखेंगे अब हम किसी से ज्यादा ।।
उसकी फिकर ‘ चरौरा ‘ करना तू छोड़ दे अब,
आता नहीं है कुछ भी उसे शायरी से ज्यादा ।।