ग्वाला बनकर बांसुरी की वंदना करनी पड़ेगी ,
आज फिर गौ लोक जाकर साधना करनी पड़ेगी ।
हिंद में अब कौरवों की भीड़ ज़्यादा हो गयी है ,
पांडवों के सारथी से याचना करनी पड़ेगी ।।
ग्वाला बनकर बांसुरी की वंदना करनी पड़ेगी ,
आज फिर गौ लोक जाकर साधना करनी पड़ेगी ।
हिंद में अब कौरवों की भीड़ ज़्यादा हो गयी है ,
पांडवों के सारथी से याचना करनी पड़ेगी ।।