बांधे हैं हाथ हमने, दुश्मन को ये भरम है ! है वक्त अब दिखा दो बाजू में कितना दम है !! जिस देश की ज़मीं से मिलती है हमको ताकत ! उसके लिए ये जां भी देनी पड़े तो कम है !!
धर्म के इस युद्ध में फिर कौरवों की मात होगी, पाँव भी होंगे ज़मीं पर, आसमां की बात होगी । चार सौ का लक्ष्य हमको साथ मिलकर भेदना है, शीर्ष पर ये हिंद होगा, स्वर्ण की बरसात होगी ।।