राजनीति के तीनों बन्दर आये हैं बाजार में

राजनीति के तीनों बन्दर आये हैं बाजार में । तीनों के तन तर्र्म तर हैं राजनीति के प्यार में ।। आँख बन्द हैं, कान बन्द हैं, लच्छेदार जुबान है । चौसर वाली कटु चालों में, कैद सभी की जान है ।। नफ़रत के अंकुर बोने को, तीनों ही मजबूर हैं । प्यार मुहब्बत वाले पथ […]

गज़ब की राजनीति है साब

गज़ब की राजनीति है साब बारिश का मौसम आते ही सारे मेंढक फूल गए । टर्र -टर्र के चक्कर में हम कविता लिखना भूल गए ।। प्यासी भैंस घुसी हैं जब से राजनीति की पोखर में । गन्दी नाली के सब कीड़े पूंछ पकड़कर झूल गए ।।