ठेठ किसान का बेटा हूँ खेती की बात सुनाता हूँ

जहाँ मेहनत की होती पूजा, मैं गीत वहां के गाता हूँ , ठेठ किसान का बेटा हूँ, खेती की बात सुनाता हूँ ।। यहाँ कोई भेद नहीं रखता, सब मिलकर खुशी मनाते हैं , कुछ और न आता हो हमको, हम खुलकर प्यार निभाते हैं।। जिसे खाकर है जिंदा दुनियाँ, जिसे खाकर——। मैं गेंहूँ ,धान […]