May
27
दिल के जैसा निशान, है ही नहीं , ये तो पत्ता है, पान है ही नहीं । उस जगह पर तो सिर्फ कब्जा है, वो ख़ुदा का मकान है ही नहीं । भागे हम भी थे तीर से डरकर , ये न देखा, कमान है ही नहीं । जिसके घर, बैल, हल, नहीं होते , […]
दिल के जैसा निशान, है ही नहीं , ये तो पत्ता है, पान है ही नहीं । उस जगह पर तो सिर्फ कब्जा है, वो ख़ुदा का मकान है ही नहीं । भागे हम भी थे तीर से डरकर , ये न देखा, कमान है ही नहीं । जिसके घर, बैल, हल, नहीं होते , […]
जहाँ मेहनत की होती पूजा, मैं गीत वहां के गाता हूँ , ठेठ किसान का बेटा हूँ, खेती की बात सुनाता हूँ ।। यहाँ कोई भेद नहीं रखता, सब मिलकर खुशी मनाते हैं , कुछ और न आता हो हमको, हम खुलकर प्यार निभाते हैं।। जिसे खाकर है जिंदा दुनियाँ, जिसे खाकर——। मैं गेंहूँ ,धान […]