खिड़कियों पर जालियां हैं, ये पता कैसे चले ? युद्ध की तैयारियां हैं, ये पता कैसे चले ? तन बदन की सब नसें दुखने लगीं हैं इन दिनों, कौन सी बीमारियां हैं, ये पता कैसे चले ? बैग में हथियार होंगे, ये हमें अनुमान था, कील हैं या आरियां हैं, ये पता कैसे चले ? […]
भारत माता की गति को अब मंद नहीं होने देंगे, इंसानों से इंसानों का द्वंद नहीं होने देंगे । प्यार मोहब्बत बांटेंगे हम, नफ़रत के बाजारों में, भारत में रहकर हम भारत बन्द नहीं होने देंगे ।।