May
27
पाँच सितारा इक होटल में, मैने अपने गांव को देखा ।। खट्टे बेरों वाली झाड़ी, दो गमलों में लगी हुई थी । एक पुरानी घोड़ा गाड़ी, दरवाजे पर खड़ी हुई थी । शीशे की सब दीवारों पर, काली – पीली छांव को देखा, पहली मंजिल पर देखा था, चूल्हे से बतियाता आँगन, सुबह की सरगम […]