जाट कौ ब्याह

जाट देव को ब्याह भयौ जब, कारी आँधी आई । कुठला भीज गयौ गेंहूँ कौ, गावैं गीत लुगाई ।। ठाकुर जी ने भाग- भाग कै, न्यौतो गाम चरौरा । सपना जैसी बहू मिलेगी, पीट्यो खूब ढिंढोरा ।। पीट्यो खूब ढिंढोरा भैय्या रोटी घर मत खइयो । दूध जलेबी खइयो झिककेँ, मोछन ऐंठा दईयो ।। बटुआ […]