May
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प्रभु श्री राम को 14 वर्ष का वनवास मिला था । 14 वर्ष के लिए मातृभूमि से वियोग उनके लिए लाचारी था । पर 14 वर्ष से एक दिन भी अधिक मातृभूमि से वियोग उन्हें सहन नहीं था । विभीषण के अनेक आग्रह के पश्चात भी लंका नगरी में प्रवेश नहीं किया । त्रिभुवन में […]