राजनीति के तीनों बन्दर आये हैं बाजार में

राजनीति के तीनों बन्दर आये हैं बाजार में । तीनों के तन तर्र्म तर हैं राजनीति के प्यार में ।। आँख बन्द हैं, कान बन्द हैं, लच्छेदार जुबान है । चौसर वाली कटु चालों में, कैद सभी की जान है ।। नफ़रत के अंकुर बोने को, तीनों ही मजबूर हैं । प्यार मुहब्बत वाले पथ […]