May
27
जैसा माली सोच रहा है । ये हो पाना सम्भव है क्या ? भरत भूमि पर बागानों के, नाम अलग हैं, रंग अलग हैं । अलग-अलग मौसम हैं सबके, खिलने के भी ढंग अलग हैं ।। सतरंगी पुष्पों से उनके , रंग मिटाना सम्भव है क्या ? जैसा माली सोच रहा है । ये हो […]