सम्भव है क्या

जैसा माली सोच रहा है । ये हो पाना सम्भव है क्या ? भरत भूमि पर बागानों के, नाम अलग हैं, रंग अलग हैं । अलग-अलग मौसम हैं सबके, खिलने के भी ढंग अलग हैं ।। सतरंगी पुष्पों से उनके , रंग मिटाना सम्भव है क्या ? जैसा माली सोच रहा है । ये हो […]

जीवन यात्रा

जीवन यात्रा पर कहने को, कुछ भी नहीं बचा है शेष । अंत समय तक भरमायेगी, ऐसी है जीवन की रेस ।। जब तक हरियाली कायम है, तब तक ये लहरायेंगे । पतझर के आते ही, पत्ते टहनी से झर जाएंगे ।। पूरा जंगल कांप उठेगा, आग लगेगी पत्तों को । वानर मिलकर खा जाएंगे, […]

मेरे देश में राम के मंदिर हैं

मेरे देश में राम के मंदिर हैं,और बजरंगी रखवारे हैं । यहां खेल घृणा का बंद हुआ अब खुशियों के फव्वारे हैं । यहां राम लला का है पूजन, अब प्रेम के गीत मुखर होंगे । यहां राम नाम के शंख बजे, अब रामकथा के स्वर होंगे ।। यहां सीता राम लखन आये, अब स्वर्ग […]