मिसरे, गज़ल या नज्म सुनाएगा कौन- कौन !
ये तो बता कि बज़्म में आएगा कौन- कौन !!
उम्मीद किसी से भी ‘चरौरा’ नहीं मुझे !
अब देखना है मुझको बुलाएगा कौन – कौन !!
मिसरे, गज़ल या नज्म सुनाएगा कौन- कौन !
ये तो बता कि बज़्म में आएगा कौन- कौन !!
उम्मीद किसी से भी ‘चरौरा’ नहीं मुझे !
अब देखना है मुझको बुलाएगा कौन – कौन !!